GST बिल क्या है ?

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GST बिल क्या है ?

GST बिल अथार्त् गुड्स एन्ड सर्विसेस टैक्स। यह टैक्स जुलाई  2017 से लागू होना है। मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स को 1947 के बाद का सबसे बड़ा टैक्स रिफॉर्म है। कई अर्थशास्त्रियों ने इसके लागू होने के बाद GDP ग्रोथ एक साल में 2-3% बढ़ने की पूरी पूरी आशा व्यक्त की है… आखिर इसकी आवश्यकता क्यों है ?

अभी तक राज्यों में अलग-अलग स्थानीय टैक्स लगाया जाता है जैसे कार अौर पेट्रोल का मूल्य हर राज्य में अलग-अलग होता है। कई सामानों की कीमत विभिन्न राज्यों में अलग अलग होती है। परंतु जीएसटी लागू होने के बाद ऐसा नहीं होगा। प्रत्येक उत्पाद पर लगने वाले टैक्स में केंद्र और राज्यों को बराबर भाग मिलेगा। इससे पूरे देश में एक प्रोडक्ट लगभग एक जैसी ही कीमत पर मिलेगा और पहले से सस्ता मिलेगा … जैसे दिल्ली से निकटवर्ती नोएडा, गुड़गांव वाले, जो कभी गाड़ी यूपी से लेते हैं, कभी हरियाणा तो कभी दिल्ली से,जहाँ भी सस्ती मिल जाए वो सब चक्कर ही खत्म हो जाएगा।

GST बिल के फायदे –

GST बिल लागू होने पर कंपनियों का झंझट और खर्च भी कम होगा। व्यापारियों को सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में कोई परेशानी नहीं होगी। अलग-अलग टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा तो उत्पाद का लागत मूल्य कम होगा। GST बिल लागू होने पर सबसे अधिक लाभ आम जनता को है क्योंकि तब चीजें पूरे देश में एक ही रेट पर मिलेंगी, चाहे वो किसी भी राज्य से खरीदी जाये। हाँ कुछ मदिरा भक्त और तम्बाकू सेवन वालों के लिए जरूर इससे कुछ लाभ नही होगा क्योंकि इन दोनों नशीले पदार्थो को इस श्रेणी में सम्मिलित नही किया गया है।

भारतीय संविधान ने Taxation Power को दो हिस्सों में बाँटा है-
i) Central Government’s Tax Power
ii) State Government’s Tax Power

  1. वे टैक्स जो अंतर्राज्यीय महत्त्व के हैं —->>> केन्द्रीय टैक्स के अन्दर आयेंगे.
  2. वे टैक्स जो स्थान-विशेष से सम्बंधित हैं और स्थानीय खपत के लिए हैं—->>> राज्य टैक्स के अन्दर आयेंगे.

current tax arrangement में कहाँ त्रुटि है?

इस tax arrangement में कई तरह की दिक्कतें आती हैं. जैसे हम दुकान में जाकर लैपटॉप लेने जाते हैं. हम जानते हैं कि लैपटॉप का उत्पादन किसी फैक्ट्री में हुआ होगा. इसलिए केन्द्रीय सरकार उसके उत्पादन के समय ही कंपनी के मालिक से tax वसूल लेती है. फिर वह लैपटॉप उस दुकान तक पहुँचता है जहाँ अभी मैं खड़ा हूँ. इस stage पर आकर अब राज्य सरकार उस लैपटॉप पर VAT लगा देती है. अंततः: लैपटॉप खरीदते समय मुझे central government और state government दोनों के द्वारा लगाए गए taxes का वहन करना पड़ता है. आइए इसे एक example से समझते हैं:-

GST बिल Example –

GST बिल Example daya
GST बिल Example daya

दया ने मुंबई में जितने घर के दरवाज़े तोड़े हैं…उन घरों में वह दरवाज़ा लगवाना चाहता है. उसे अफ़सोस और आत्मग्लानि है इसलिए उसने ऐसा कार्य करने की ठानी है.      उसने असम से लकडियाँ मंगवाने का सोचा. राज्य के border के अन्दर राज्य का अपना tax structure होता है. बाहर के राज्यों से आ रहे goods को वे as an import देखती हैं. यदि दया दरवाजे की लकड़ी असम से महाराष्ट्र import कर के लाया है तो दया को निम्नलिखित taxes का वहन करना पड़ेगा:—>

a) लकड़ियाँ जहाँ काटी जा रही हैं (saw mill) वह पहले से Central और State टैक्स दे चुका है. इसलिए दया को भी इन दोनों taxes का वहन करना पड़ेगा.

B ) दया दरवाज़ा महाराष्ट्र लेकर आया तो महाराष्ट्र सरकार ने चुंगी वसूल कर ली. इस तरह दया ने तीन taxes का वहन किया: उत्पाद शुल्क, राज्य कर और चुंगी.

C ) यदि दया जरुरत से ज्यादा लकड़ी ले आया और वह उसे local market में बेचना चाहे तो उसमें भी राज्य सरकार टैक्स लगायेगी.

d) यदि राज्य से बाहर लकड़ियों को बेचना चाहे तो फिर से टैक्स.

भारत भले ही राजनैतिक रूप से एक देश है पर आर्थिक रूप से बहुत बिखरा हुआ है. राज्यकी सीमा के बाहर वाणिज्य करने पर तरह-तरह के taxes लिए जाते हैं. फलस्वरूप, हर वस्तु का मूल्य बढ़ जाता है और अंततः भारत के अन्दर कोई भारतीय यदि व्यवसाय करता है तो उसमें पेचीदगी आ जाती है. चाहे वो खुद उत्पादक हो या रिटेलर हो या हम जैसे खरीदने वाले हों. सबसे अधिक भुक्तभोगी हम जैसे consumer होते हैं जिनको सभी taxes including VAT भी देना पड़ता है.

GST के लाभ/ Benefits of GST

  1. कई taxes के जंजाल से छुट्टी.
  2. एक ही tax रहने से इसे लेने और देने वाले दोनों को आसानी.
  3. तरह-तरह के tax होने से तरह-तरह की बैमानियाँ होतीं थीं जो अब नहीं होंगी या घट जायेंग
  4. तरह-तरह टैक्स के बदले एक टैक्स होने से सरकार को कर प्रवंचन (tax evasion) पर लगाम रखने की सुविधा होगी अर्थात् Black money/काले धन पर नकेल कसी जाएगी.
  5. पूरे भारत में एक ही tax होने से देश भर में वस्तुओं और सेवाओं के दाम एक ही रहेंगे, उनमें आजकल की तरह अंतर नहीं होगा.
  6. निर्माता को अब एक ही टैक्स भरना होगा जिससे वस्तु और सेवा के दाम गिर सकते हैं. पूरा भारत अब एक विशाल बाजार हो जायेगा जिससे देश के व्यापारियों और विदेशी व्यवसायियों को आसानी हो जाएगी.
  7. GST बिल से भारत के अन्दर विभिन्न राज्यों के बीच व्यवसाय सरल होगा तथा उसका खर्च बहुत घट जायेगा क्योंकि एक तो चुंगी नहीं देनी होगी और दूजे परिवहन का खर्चा (transportation cost) इसलिए कम हो जाएगा कि अब trucks को अलग-अलग चुंगी (octroi) स्टेशनों पर रुकना नहीं पड़ेगा.
  8. सामान ढोने वाले trucks की आवाजाहि निर्बाध होने से देश के खनिज तेल का खर्च बचेगा.
  9. अनुमान है कि gst बिल लागू होने के बाद भारत की GDP में 1 से 2% वृद्धि हो जाएगी.

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By Yogesh Sen (Railtel marketing manager)

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