लड़कियों के प्रति बदलती सोच

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जहां हम आज आधुनिक भारत की कल्पना कर रहे हैं, वही आज हमारे गांवों में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। गांव में भी  आधुनिक गांव की कल्पना उभर कर आई है। भारत की सभ्यता वैदिक काल से ही ग्रामीण  सभ्यता रही है किंतु वैदिक काल में महिलाओं की स्थिति पर्दे के पीछे तक सीमित रही है। महिलाओं को हमेशा चार दिवारी के अंदर ही  रखा गया, क्योंकि हमारा समाज पुरुष प्रधान रहा है और आज भी कुछ हद तक पुरुष प्रधान समाज है, पर आज की नई पीढ़ी अपने परिवार के बुजुर्गों की सोच बदलने में कामयाब हुई है। गांवो में लड़कियों के प्रति पिछले कुछ सालों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। (P.M.skill scheme photo)
मेरे अनुभव से मैंने यह महसूस किया, गांव की  लड़कियां आज के समय में शहर की लड़कियों की अपेक्षा तेजी से आगे बढ़ रही है। हर क्षेत्र में आजकल ग्रामीण लोग अपनी लड़कियों को भेजने के बारे में हिचकिचाते नहीं हैं पहले लड़कियों को ना तो अपनी बात कहने का अधिकार था और ना ही किसी प्रकार की आजादी।

परंतु वर्तमान में गांवो में भी लड़कियों को पूरी आजादी मिली है, और उन्हें बाहर पढ़ने का अवसर भी प्राप्त हुआ है। अभी लड़कों के बराबर तो नहीं पर आंशिक स्वतंत्रता लड़कियों को मिली है। कुछ गांवो में तो लड़के और लड़की में कोई फर्क नहीं किया जाता है।
यही बदलता दृष्टिकोण हमारे आधुनिक भारत की, कल्पना की नीव तैयार करेगा।

 (P.M. skill scheme photo)

कहते हैं की एक बेटी या बहू शिक्षित हो तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। गांवो में बहुओं के प्रति भी सकारात्मक बदलाव आए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में लोग अपनी बहुओं को बाहर कामकाज, नौकरी पेशा करने के पूर्ण अवसर प्रदान कर रहे हैं।

भारत के विकास की कल्पना हमारे  गांवो में  बस्ती है। बदलते परिवेश में महिलाओं की स्थिति मजबूती की ओर अग्रसर है।

ग्रामीण क्षेत्र में लड़कियों के बारे में कुछ लाइनें हैं जो उनके आगे बढ़ने के पथ पर उनका हौसला बुलंद करती है।

“बाधाएं कब बांध सकी है,पथ पर चलने वालों को”           “विपराए कब रोक सकी है,आगे बढ़ने  वालों   को”           ” हमें    रोक    सके    यह   जमाने  में   दम   नहीं”            “हम   से   हैै    जमाना,  जमाने   से    हम   नही”

“One Child ,One teacher, One book,   One   pen   can  change  the world”

 

                                       By    Rajni Gurjar…..

 

 

 

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