धनुषकोडी रामसेतु प्रारंभिक स्थान,जहां श्री राम नाम से बनाया था पुल।

1
1158

भारत का एक ऐसा गांव जो 1964 से पहले प्रगतीशील, विकसित, धार्मिक और पर्यटन स्थल हुआ करता था, धनुषकोडी रामसेतु से एक रेल लाइन बिछाई गई थी जो मंडपम तक चलाई जाती थी, जो अब रेत के टीले में दब चुकी हैं।

pc-indianewsonweb

धनुषकोडी रामसेतु इतिहास –

पौराणिक कथाओं में धनुषकोडी का वर्णन रामसेतु के नाम पर भी किया जाता है जहां श्री राम ने लंका पर विजय पाने के लिए धनुषकोडी से श्रीलंका के  बीच   पत्थरों से पुल बनाया था जो अब भी बना हुआ  है। यही वजह है कि धार्मिक लोग यहां बड़े पैमाने पर आया करते हैं।

pc-travelescape

1964 में आए  चक्रवात में धनुषकोडी पूरी तरह नष्ट हो गया था अब वहां खंडहरों के सिवा आपको और कुछ नहीं दिखाई देगा और पूरा गांव अब रेत के टीले में तब्दील  हो गया।
अभी भी वहां पर आपको  चर्च, अस्पताल, मंदिर, पोस्ट ऑफिस स्कूल दिखाई देंगे जो अब खंडर बन चुके हैं, पर्यटन के हिसाब से रामेश्वर आने वाले हर एक तीर्थ यात्री धनुषकोडी जरूर जाता है।

धनुषकोडी रामसेतु hospital
धनुषकोडी रामसेतु hospital

मैं और मेरा दोस्त dk हम दोनों  रामेश्वर की यात्रा पर थे तो हमने भी धनुषकोडी  जाने का प्लान किया, हमने वहां से रामेश्वरम सिटी बस से  सफर शुरू किया  हमने कुछ स्ट्रीट फूड लिए थे खानेे के लिए , कभी-कभी बीच में हम लोगों को ऐसा भी लगा जैसे हमारी बस पानी में चल रही हो (समुद्र के ऊपर) , काफी अच्छा और देखने लायक नजारा था, आखिरकार आधे  घंटे के सफर के बाद हम लोग धनुषकोडी पहुंच गए।

धनुषकोडी रामसेतु रोड.
धनुषकोडी रामसेतु रोड

हमें उस एरिया के बारे में कुछ अता पता नहीं था और हम रामसेतु देखने के लिए वहां गए थे, बस ने हमें जहां छोड़ा था वहां से धनुषकोडी 5 किलोमीटर अंदर था, वहां से आप दो तरीके से धनुषकोडी पहुंच सकते हैं या तो आप पैदल चलकर जा सकते हैं, या फिर बस से, हम लोगों ने पैदल जाना सही समझा क्योंकि वहां का नजारा देखने लायक और फोटोशूट के लिए सबसे बढ़िया जगह थी। हम लोगों ने भी काफी  फोटो शूट किए , पर वहां की गर्मी बहुत तीखी थी जो हमें रुकने की वजह चलने को मजबूर कर रही थी।

वहां पर हमने जो पहली चीज देखी थी वह थी नाश्ते की दुकान जिसकी हमें वहां पर बहुत सख्त जरूरत थी क्योंकि लगातार 3 किलोमीटर कड़ी धूप में चलने के बाद हमारा शरीर थकने लगा था। थोडी देर रुकने के बाद हम लोग आगे बढ़ने लगे।

हम एक ऐसे टापू पे चल रहे थे जो बहुत ही खूबसूरत और डरावना भी था, फिर हमें आगे वहां पर चर्च, अस्पताल, स्कूल आदि दिखाई दिए जो अब खंडर बन  चुके थे, चिक-चिक कर अपनी गाथाएं बता रहे थे कि उस तूफान की रात कितना भयानक मंजर हुआ होगा  जिससे उनका का यह हाल हुआ है।

जिस रोड पर हम चल रहे थे वहां पर ट्रांसपोर्ट वाली बसों को चलाना मना था शयद, वह रोड खाली कोस्ट गार्ड इंडियन आर्मी के लिए था, जो मुझे देख कर लगा, क्योंकि जितनी भी ट्रांसपोर्ट वाली बसे थी वह समुद्र के किनारे चल रही थी कहीं पर तो वह पानी में से निकल कर जा रही थी।

pc-static.panoramio

हम दोनों बस स्टॉप से काफी दूर आगे आ गए थे जहां एक बहुत बड़ा टावर लगा था, वहां हम दोनों के अलावा एक और इंसान दिखाई दिया जो गुवाहाटी से चेन्नई आए हुए थे किसी काम से  और छुट्टी होने के कारण  वह रामसेतु देखने आए थे हम तीनों के अलावा  वहां और कोई दिखाई नहीं दे रहा था दिखाई दे रहा था तो बस अड्डा जो  समुद्र के किनारे काफी दूर था, अब भी रामसेतु पॉइंट हम लोगों से 1 किलोमीटर की दूरी पर था लेकिन सूरज की गर्मी ने हमारे पांव पीछे जाने पर मजबूर  कर दिये, हम लोग वापिस हमारे स्टार्टिंग पॉइंट की तरफ आगे बढ़ने लगे अब हमारा रास्ता रोड पर ना होते हूए समुद्र के किनारे बढ़ने लगे जहां पर छोटी छोटी दुकानें और ट्रांसपोर्ट वाली बसे खड़ी थी।

धनुषकोडी टॉवर
धनुषकोडी टॉवर

हमने वहां पर छोटी-छोटी  ऐसी चीजें देखी जो बहुत अद्भुत थी जैसे कि पानी में तैरता हुआ पत्थर, एक बहुत ही खूबसूरत छोटा मंदिर और एक प्यास बुझाने के लिए छोटा सा कुआं  जो देखने में अनोखा और अदभुत था अगर आप कभी यहां जाएं तो उस कुए का पानी जरूर पिए और तैरता हुआ पत्थर देखें।

धनुषकोडी कुआ
धनुषकोडी कुआ

यह जगह बहुत अनोखी थी,अगर यहां  पर ग्रुप में आया जाए या फिर बाइक किराए पर लेकर घुमा जाए तो कुछ अलग ही प्रकार के आनंद की प्राप्ति होगी और घूमने का एक अलग ही लेवल का एक्सपीरियंस होगा।

धनुषकोडी रामसेतु रेलवे स्टेशन

dhanuskhodi old railway station.                 Pc-static.panoramio
लेकिन ध्यान रहे कि आप 5:00 बजे से पहले पहले इस जगह को छोड़ दें यहां पर रात रुकना मना है और धनुषकोडी से रामेश्वर जाने वाला रास्ता सुनसान और रहस्यमय चीजों से भरा हुआ है इसलिए आप शाम को 5:00 बजे से पहले पहले उस जगह को छोड़कर रामेश्वरम आ जाए।

अपने व्यस्त जीवन से समय निकाल कर एक बार इस जगह पर घूमने अवश्य जाएं।

Old Villagers में प्रकाशित होली भारत के मुख्य त्योहारों मे, गाँवो के नजरिये से पढ़े |

Like us on Facebook page of Old Villagers

धनुषकोडी में रामसेतु पुल का गूगल मैप

Google map

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.