खेतों में लहराती मौत।

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    आज की बढ़ती हुई जरूरतो ने हमें ऐसे मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया जहां हम अपने लिए गड्ढा खोद रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा कीटनाशक का उपयोग करना यह बहुत ही खतरनाक बनता जा रहा है और हम बड़ी से बड़ी बीमारियों को दावत दे रहे हैं।

    पिछले कुछ सालो मे कीटनाशक का उपयोग ज्यादा से ज्यादा होने लगा और इसके फल स्वरूप  उसके नुकसान को हम  भुल गए, जो अब दिखने लगा। 

    रसायनिक के उपयोग से हमारी खेती जहरीली होती जा रही हैं।जिससे बडी-बडी बीमारियों का जन्म हो रहा, उत्पादन की होड मे और जागरूकता की कमी से आज हम बीमारियों कि फसल बो रहे हैं।

    इंडियन काउंसलिंग ऑफ मेडिकल रिसर्च ने भी माना कि तंबाकू के बाद पेस्टीसाइड कैंसर का बड़ा दूसरा कारण है। हर साल लगभग हजारो की तादाद में मरीज बढ़ रहे हैं जो अपने आप में एक बहुत बड़ा आंकड़ा है। पोषण के नाम पर शरीर में जा रहा खतरनाक केमिकल।
    हमारे किसान भाइयों को जैविक खाद को चलन में लाना चाहिए ताकि होने वाली बीमारियों से हम बच सके, हमारी सरकार को भी पेस्टीसाइड वाली कंपनियों के ऊपर ध्यान देना चाहिए जो नियमों का पालन नहीं करती ऐसी कंपनियों को तुरंत बंद कर देना चाहिए, मानवता को ताक पर रखकर कंपनियां अपनी मनमानी करती रही हैं और जहर का जहर खेतों में उतार दिया गया, जो अब हमारे शरीर में भी पहुंच गया।

    आपको यह जानकर अचंभा होगा कि पंजाब के भटिंडा से चलकर राजस्थान के बीकानेर जाने वाली ट्रेन अबोहर-जोधपुर एक्सप्रेस है, को कैंसर एक्सप्रेस भी कहा जाता है, जिससे लोग बीकानेर के आचार्य तुलसी कैंसर संस्थान का सफर तय करते हैं, आश्चर्य की बात यह है कि सबसे ज्यादा मरीज भारत की कृषि भूमि पंजाब से आते हैं।

    वहां के डॉक्टर भी मानते हैं कि पंजाब में कैंसर की वजह खेतों में डाले जाने वाला पेस्टिसाइड और पानी में घुलने वाले रसायनों को भी इसका कारन माना गया है। एक शोध के अनुसार पंजाब में हर दिन 18 लोग  कैंसर की वजह से अपनी जान गवांते हैं, यह आंकड़े चौंकाने वाले और डराने वाले भी हैं।
    हमें इनके विकल्प के तौर पर जैविक खाद या गोबर के खाद का उपयोग करना चाहिए, जो मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखते हैं और मिट्टी में रहने वाले जीव जंतु जैसे कि केचुआ जो कि मिट्टी के पोषण के लिए बहुत जरुरी होता है जिन्हें रसायनिक खाद नष्ट कर देता है। रासायनिक खात के लगातार इस्तेमाल करने से मिटटी अम्लीय हो जाती है जिससे बोया गया बीच गल जाता है।

    2 COMMENTS

    1. Govt. Ignore health factor for the purpose of productivity and increase national GDP. It concentrate on only wealth not in health. It needs to replace chemical fertilizers to natural fertilizers. Like compost .Central govt. must ban on it like Sikkim, Kerala state govt. banned chemical fertilizer from 2016.

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