कैसे एक नोजवान ने कमाए 10.50 लाख प्रति एकड जैविक खेती(organic farming)से।

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आये जानते है कैसे एक युवा ने कमाये 10.50 लाख प्रति एकड।

हम बात कर रहे है आकाश चौरसिया जी की, जो किसान परिवार से है। इनका जन्म ग्राम तिली सागर मध्य प्रदेश में हुआ।, पिता श्री कोमल चौरसिया वा माता श्रीमती रामकली चौरसिया पान की कृषि करते है।

कैसे जैविक खेती (organic farming) में आये।

आकाश हायरसेकण्ड्री की शिक्षा प्राप्त करने के बाद डॉ. बन लोगो का इलाज करना चाहते थे, ओर उन्होंने मेडिकल टेस्ट भी क्लियर किया परन्तु आकाश ने 21वी सदी की बढती आबादी एवं इस आबादी में बढती अस्पतालों की संख्या वा उनमें बढती बीमारियों की भीड़ को देखकर जहर मुक्त अनाज खिलाने के उद्देश्य से जैविक कृषि करने का संकल्प लिया।

लगातार कड़ी मेहनत और परिश्रम से जैविक कृषि से बागवानी, उद्यानकी, जैविक खाद उत्पादन एवं अनाज वाली फसलो में सर्वोत्तम उत्पादन हासिल किया।

जैविक खेती(organic farming) मे नई तकनीक इजात की(four layer technique)।

आकाश ने जैविक कृषि में शोध करते हुए खुले में एक साथ एक ही जमीन पर चार-चार फासले उगाकर फोर लेयर फार्मिंग का मॉडल तैयार किया | जिससे एक साल में एक एकड़ भूमि से 10.50 लाख तक कमाये जा सकते हैं।

इस विधि में एक साथ एक ही जमीन पर चार-चार फसले एक साथ उगते है | उदाहरण स्वरूप क्रमशः अदरक,भाजी,कुंदुरु और पपीता |

आकाश ने जल संरक्षण एवं मिट्टी के बहाव को रोकने के लिए सिस्टम इजाद किया | जिससे प्रति एकड़ 10 लाख लीटर तक पानी रिचार्ज किया जा सकता है |

जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से बचने के लिए कुदरती वर्तानुकुलित शेड बनाना जैसे नवाचार भी किये है |

इनके नवाचारो एवं जैविक कृषि की विधियों से और किसानो को फायदा पहुचे इसके लिए इन्होंने अभी तक देश भर के 32000 किसानो को निशुल्क प्रशिक्षण दिया |

आकाश ने देश में कई स्वाभलम्भी(जैविक कृषि) के मॉडल बनाये | भारत में किसान इनकी पदत्ति को अपना कर हजारो किसान वा युवा देश भर में जैविक कृषि का कार्य कर रहे है, एवं लाभ प्राप्त कर कृषि उत्पादन को बड़ा रहे है।

फोर लेयर जैविक खेती( organic farming)

नवाचार में जैविक फोर लेयर फार्मिंग पर कार्य किया है, यह विधि सामान्य कृषि से अलग है।

इसमे हम बारिस के पानी के बहाव के अनुसार खेत के कोने में एक 10 फिट चोडा 10 फिट गहरा और 10 फिट लम्बा गड्डा बनाते है, जिसमे बारिस का सारा पानी, खाद, मिट्टी बह के आ जाती है।

बारिस ख़त्म होने के बाद इस मिट्टी को बापिस खेत में खाद के रूप में डाल देते है इस तकनीक से लगभग एक एकड़ खेत से लगभग 10 लाख ली. पानी रिचार्ज होता है, और लगभग 2000 से 2500 कि. ग्रा. मिट्टी बहने से बचती है।

मिट्टी को खेत में डालने से उर्वरा शक्ति बढती रहती है क्योकि इसमे सारे तत्वा मोजूद रहते है।

जैविक खेती में पाई उपलब्धियां।

वैसे तो आकाश जी को बहुत से सर्टिफिकेट जैविक खेती(organic farming) में मिले है।

लेकिन उनकी सब से बड़ी उपलब्धि इससे पता चलती है कि खुद स्वामी रामदेव उनकी इस नई तकनीक को देखने उनके फॉर्म पर गए थे।

दिनांक 28.08.2017 नाई दिल्ली मे इंटरप्रेन्योर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के नेशनल अग्रि समिट में भारत के नंबर 1 बेस्ट आईडिया “ओर्गाबिक फोर लेयर फार्मिंग” के लिए अकाश अंतरराष्ट्रीय इस्तर पर पुरुस्कृत।

योग गुरु स्वामी रामदेव जी द्वारा पुरुस्कृत, खेती में नया आयाम देने के लिए।

दिनांक 02.02.2017 नई दिल्ली मे महेन्द्र समृद्धि अग्रि नेशनल युवा अवार्ड।

ऐसे बहुत से सर्टिफिकेट व पुरुस्कार उनको , फोर लेयर फार्मिंग के लिए मिल चुके है।

यही परिवर्तन है और आप भी इस परिवर्तन में अपना सहयोग दे सकते है अगर आप किसान है तो संकल्प ले और ज़हर मुक्त खेती को छोड़कर जैविक खेती को बढ़ावा दे ,जिससे हम अपनी खेती को खत्म होने से बचा सकते है, ओर कैंसर जैसी बड़ी से बड़ी बीमारियों को दूर भागा सकते है।

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