काशी विश्वनाथ की यात्रा वाराणसी, बनारस(Varanasi)।

    अगर आप वाराणसी (बनारस) जाने का प्लान बना रहे हैं तो वहां जाकर कुछ चीजें आपको जरूर करना चाहिए।

    काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी(varanasi) :-

    अगर हम वाराणसी की बात करते हो सबसे पहले हमारे दिमाग में एक ही चीज आती है वह काशी विश्वनाथ का मंदिर जो एक बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है जहां पर दूरदराज के लोग काफी संख्या में यहां आते हैं बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए, जो 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है, वाराणसी के लोग इनको पूरे विश्व के राजा मानते हैं।

    गंगा आरती वाराणसी (Varanasi) :-

    अगर आपने वाराणसी की गंगा आरती नहीं देखी तो फिर क्या देखा, शाम के टाइम होने वाली गंगा आरती का नजारा बहुत ही मनमोहक होता है, यह आरती गंगा जी के किनारे नाव में बैठकर भी देख सकते हैं, और अगर आपको इस आरती के ज्यादा आनंद लेने हैं तो कृपया आप नाव में बैठकर ही देखें।

    बोटिंग वाराणसी (नौका विहार) :-

    बोटिंग का सबसे बढ़िया टाइम होता है शाम का, जहां आप नाव में बैठकर कुछ प्रमुख घाटो का नजारा भी देख सकते हैं उसके बाद नाव में ही बैठकर गंगा आरती का लुफ्त भी उठा सकते हैं, बस आपको पहले ही इस चीज का बात नाव वाले से कर लेना है।

    मणिकर्णिका घाट वाराणसी (varanasi):-

    भारत का सबसे बड़ा शमशान जो पूरे 24 घंटे चालू रहता है ऐसी कहानी भी है कि माता पार्वती के कान का कर्ण फूल यहां गिरा था, जिसे स्वयं भगवान भोलेनाथ ढूंढने आए थे, इसी कारणवश इस घाट का नाम मणिकर्णिका घाट रखा गया।

    एक ऐसी कहानी भी बताते हैं कि काशी विश्वनाथ यानी कि भोलेनाथ यहां स्वयं बैठे हैं।

    अगर आप यहां जाएं तो मणिकर्णिका घाट आपको जरूर देखना चाहिए।

    दशाश्वमेघ घाट वाराणसी :-

    बताते हैं कि यह घाट सबसे पुराना और प्राचीन घाट है जिसका अपना इतिहास है।

    यह घाट हिंदू धर्म के हिसाब से सबसे पवित्र घाट माना जाता है जिसकी अपनी अलग कहानियां है कुछ कहानियों के हिसाब से ब्रह्मा जी ने यहां पर अश्वमेध यज्ञ किए, शिव जी को बुलाने के लिए।

    प्राचीन ग्रंथों के हिसाब से राजा दिवोदास द्वारा यहां पर दस अश्वमेघ यज्ञ करवाए जिसके कारण इस घाट का नाम दशाश्वमेघ घाट पड़ा।

    मुक्तिधाम होटल (हॉस्टल) :-

    यह ऐसी जगह है जहां पर लोग मुक्ति पाने के लिए यहां आते हैं, जीवन के अंतिम यात्रा को सफल बनाने के लिए वह लोग मुक्तिधाम आते हैं और अपने शरीर को यही त्याग देते हैं।

    बताते कि लोग यहां पर मरने के लिए आते हैं।
    होटल के कमरे बुक किए जाते है मुक्ति पाने के लिए, अगर एक महीने तक आपको मुक्ति नहीं मिली तो आपसे वह कमरा खाली करवा भी लिया जाता है।

    यह कोई सुसाइड होटल नहीं है बताते हैं यहां पर वही लोग को आने दिया जाता है जो या तो बहुत ही वृद्ध हो या फिर किसी खतरनाक बीमारी से जूझ रहे हो।

    हिन्दू धर्मग्रंथों के हिसाब से जो लोग बनारस में आकर अपने प्राण त्यागते हैं उनके पाप समाप्त हो जाते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।

    पंचतीर्थ वाराणसी :-

    बताते हैं कि अस्सी घाट, दशाश्वमेघ घाट, केशव घाट, पंचगंगा घाट और मणिकर्णिका घाट को पंचतीर्थ भी माना जाता है।
    इसलिए आपको इन पांचो घाट पर जाना और देखना चाहिए।

    रूफटॉप (rooftop restaurant) रेस्टोरेंट :-

    इतना सब घूमने और देखने के बाद आपको अब भूख तो लग रही होगी वाराणसी में रूफटॉप रेस्टोरेंट बहुत फेमस है आपके पास में जो भी रूफटॉप वाला रेस्टोरेंट हो वहां खाना जरूर खाएं जो गंगा जी के किनारे पर ही हो यकीन मानिए इतना खूबसूरत नजारा देखने को आपको मिलेगा और खाना भी उतना ही स्वादिष्ट रहेगा।

    आप गूगल की सहायता से भी रूफटॉप रेस्टोरेंट सर्च कर सकते हैं, बस लिखना होगा रूफटॉप रेस्टोरेंट इन वाराणसी।

    वाराणसी शहर :-

    वाराणसी शहर एक बहुत ही खूबसूरत शहर है यहां पर छोटी-छोटी गलियां स्ट्रीट फूड विश्व प्रसिद्ध बनारसी साड़ी और भी कई ऐसी चीज है जो यहां देख सकते हैं।

    वाराणसी को संगीत की राजधानी भी कहा जाता है।

    विदेशी लोगों का जमावड़ा यहां पर पूरे साल देखा जा सकता है वह भारी संख्या में वाराणसी घूमने आते हैं।

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