उज्जैन दर्शन। Ujjain

अगर आप उज्जैन में जाए तो यहां आपको जरू जाना चाहिए।

महाकाल मंदिर(mahankaal Ujjain) :-

उज्जैन आए और महाकाल के दर्शन ना किए तो आपका उज्जैन आना व्यर्थ जाएगा।
आज भी महाकाल बाबा की भस्म आरती ताजे मुर्दे की राख से की जाती है।

जिसको देखने के लिए लोग 1 महीने पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा लेते हैं,
वहां के पंडित जी के अनुसार उज्जैन में एक भी ऐसा दिन नहीं जाता जिस दिन किसी की मौत ना हुई हो।

यह आरती सुबह के 4:00 बजे की जाती है।

अपने कीमती सामान रखने के लिए मंदिर समिति ने मंदिर के बाहर की साइड जहां से बाबा महाकाल के दर्शन की लाइन शुरू होती है वहां पर लॉकर रूम बनाया गया है, जिसमें आप अपने कीमती सामान रख सकते हैं, शो स्टैंड भी मंदिर के अंदर की साइड बना हुआ है।

इससे आपको यह फायदा होगा कि बाहर की जो दुकानें हैं जो जबरदस्ती प्रसाद के लिए आपके पीछे पड़ते हैं और आपके सामान के चक्कर में महंगी प्रसाद बेचते हैं इन सब से बचा जा सकता है।

मंदिर के आस-पास एटीएम की समस्या भी रहती है इसलिए आपको कहीं पर भी एटीएम देखें और आपको पैसों की जरूरत है तो आप अपनी जरूरत के हिसाब से पैसे निकाल ले।

रामघाट (ram ghaat) :-

रामघाट महाकाल मंदिर से 1 किलोमीटर के आसपास की दूरी पर ही स्थित है आप यहां पर टेंपो से या पैदल भी जा सकते हैं,

श्रद्धालु यहां पर शिप्रा मैया में डुबकी लगाकर ही बाबा महाकाल के दर्शन के लिए जाते हैं।

हरसिद्धि मैया :-

यह माता का मंदिर राम घाट और महाकाल मंदिर के बीच में ही बना हुआ है यहां पर पुराने जमाने के दीपमाला आप देख सकते हैं।

गोपाल मंदिर (Gopal Mandir Ujjain) :-

गोपाल मंदिर लगभग महाकालेश्वर से 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर है, यहां पर ट्रैफिक बहुत ही ज्यादा रहता है और आपके पास बड़ी कार है तो आप उसको महाकालेश्वर की पार्किंग में पार्क करके आप किसी ऑटो वगैरह से या पैदल भी जा सकते हैं और अगर आपके पास मोटरसाइकिल है तो आप मोटरसाइकिल लेकर वहां जा सकते हैं, मोटरसाइकिल की पार्किंग मिल जाएगी।

यह मंदिर सिंधिया परिवार द्वारा बनाया गया हुआ है और इस इस मंदिर की खासियत यह है कि आप भगवान के दर्शन रोड पर खड़े होकर कर भी कर सकते हैं।

काल भैरव :-

काल भैरव मंदिर पहुंचने के लिए आपको टैक्सी का या लोकल ट्रांसपोर्ट का सहारा लेना पड़ेगा यह मंदिर लगभग महाकालेश्वर से 7-8 किलोमीटर की दूरी पर है।

यहां आपको एक अनोखी चीज देखने को मिलेगी काल भैरव बाबा को दारू (मदिरापान) का भोग लगाया जाता है यानी कि आप भी लोकल दुकानों से मदिरा को खरीद कर बाबा को पिला सकते हैं, यहां पर मदिरा हर दुकान पर मिलना आम बात है।

काल भैरव बाबा असलियत में यहां पर मदिरा पीते हैं इसलिए आप जब भी यहां जाएं पुजारी को बोलकर पुजारी के हाथों से मदिरा पीलवाए ।

यहां पर सरकार द्वारा खोज भी की जा चुकी है कि जो बाबा मदिरा पीते हैं वह जाति का है लेकिन आज तक किसी को इस बात का पता नहीं चला ।

सिद्धवट :-

सिद्धवट शिप्रा मैया के किनारे एक बहुत ही प्राचीन काल से प्रसिद्ध वृक्ष रहा है यहां पर पूरे क्रिया कर्म किए जाते हैं।

सिद्धवट काल भैरव से लगभग 2 किलोमीटर के दूरी पर ही स्थित है।

बामन कुंड :-

बामन कुंड सिद्धवट से 5 से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, यह कुंड राजा विक्रमादित्य ने बनवाए थे, श्रद्धालु यहां पर आकर स्नान करते हैं बताते हैं कि बामन कुंड बहुत पवित्र कुंड माना जाता है।

यहां पर आपको सूर्य मंदिर भी देखने को मिलेगा।

मंगलनाथ :-

मंगलनाथ सिद्धवट से 1 से 2 किलोमीटर की दूरी पर है, मंगल की शांति के लिए मंगलनाथ पर लोग पूजा अर्चना करवाते हैं।

मंगलनाथ के पास ही साईं भोजनालय है जहां पर उज्जैन के प्रसिद्ध दाल बाफले मिलते हैं आप यहां पर दाल बाफले खा सकते हैं जो एकदम शुद्ध और शाकाहारी है।

सांदीपनि आश्रम :-

सांदीपनि आश्रम वह स्थान है जहां पर श्री कृष्ण अपनी शिक्षा प्राप्त करने के लिए उज्जैन आए थे।
यहां पर आपको श्री कृष्ण की लीलाओं का पूरा वर्णन देखने को मिलेगा और आश्रम को काफी खूबसूरत बनाया गया है।

इस्कॉन टेंपल :-

इस्कॉन टेंपल देवास रोड पर भरतपुरी एडमिनिस्ट्रेटिव जॉन मैं स्थित है,
बहुत ही खूबसूरती से बना गया यह मंदिर, यह आपको दर्शन के लिए एक बार जरूर जाना चाहिए।

नौ ग्रह मंदिर :-

शनि महाराज का यह मंदिर राजा विक्रमादित्य ने बनवाया था नौ ग्रह की पूजा यहां की जाती है और हर शनिचरी अमावस के दिन यहां पर बड़ी तादाद में लोग दर्शन के लिए यहां आते हैं, यह मंदिर इंदौर रोड पर स्थित है।

श्री चिंतामन गणेश मंदिर :-

रिद्धि सिद्धि के दाता गजानन तुम्हें में सबसे पहले हमारा नमस्कार है, सभी चिंता को हरने वाले चिंतामन गणेश के दर्शन आप कर सकते हैं जो महाकाल मंदिर से 7 से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

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